वैश्विक डिजिटल हेल्थ कंपनी Qure.ai को Bill & Melinda Gates Foundation से मल्टीमिलियन डॉलर का अनुदान मिला है। इसका उद्देश्य टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) और निमोनिया की शुरुआती पहचान के लिए अत्याधुनिक AI डायग्नोस्टिक्स के विकास और तैनाती को तेज करना है—खासकर उन क्षेत्रों में जहां समय पर मेडिकल इमेजिंग और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।
यह फंडिंग कंपनी के हेल्थ इक्विटी और डिजिटल डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में काम के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और इसके अगले इनोवेशन चरण के दो प्रमुख हिस्सों को समर्थन मिलेगा।
🧠 AI आधारित पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड एल्गोरिदम
इस अनुदान का एक मुख्य उद्देश्य पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड (POCUS) के लिए AI एल्गोरिदम विकसित करना है।
ये पोर्टेबल इमेजिंग टूल्स स्वास्थ्यकर्मियों को बिना विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत के, मौके पर ही टीबी और निमोनिया के संकेत पहचानने में मदद करेंगे।
यह शुरुआती निदान और इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है—खासकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में, जहां इन बीमारियों से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं।
📊 ओपन-सोर्स मल्टीमोडल लंग हेल्थ डेटाबेस
यह अनुदान एक व्यापक ओपन-सोर्स डेटाबेस बनाने में भी मदद करेगा, जो World Health Organization (WHO) के लंग हेल्थ डायग्नोस्टिक मानकों के अनुरूप होगा।
इस डेटासेट में शामिल होंगे:
- चेस्ट एक्स-रे
- थोरैसिक अल्ट्रासाउंड इमेज
- हाई-रिजोल्यूशन CT स्कैन
- खांसी और फेफड़ों की आवाज की रिकॉर्डिंग
- संबंधित क्लिनिकल हिस्ट्री और लैब डेटा
इस डेटा को सुरक्षित तरीके से सार्वजनिक करने का उद्देश्य दुनियाभर के शोधकर्ताओं और हेल्थ संगठनों को बेहतर AI मॉडल विकसित करने में मदद करना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: वैश्विक स्वास्थ्य पर प्रभाव
टीबी और निमोनिया आज भी दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हैं, जबकि समय पर पहचान होने पर इनका इलाज संभव है:
- टीबी से हर साल लगभग 12.3 लाख मौतें होती हैं
- निमोनिया से करीब 20 लाख मौतें होती हैं, जिनमें लगभग 7 लाख बच्चे (5 साल से कम उम्र) शामिल हैं
जिन क्षेत्रों में बीमारी का बोझ अधिक है, वहां डॉक्टर, इमेजिंग सुविधा और तेजी से जांच की व्यवस्था अक्सर सीमित होती है।
Qure.ai का यह AI-आधारित समाधान:
- निदान का समय कम कर सकता है
- कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स को सक्षम बना सकता है
- मरीजों के इलाज के परिणाम बेहतर कर सकता है
Qure.ai का वैश्विक प्रभाव
Qure.ai की AI तकनीक पहले से ही:
- 105+ देशों में
- 4,800+ हेल्थकेयर साइट्स पर उपयोग हो रही है
यह तकनीक टीबी, फेफड़ों के कैंसर और न्यूरोक्रिटिकल केयर जैसे क्षेत्रों में उपयोग की जा रही है।
यह नया अनुदान कंपनी को संक्रामक फेफड़ों की बीमारियों की शुरुआती पहचान में और अधिक प्रभाव बढ़ाने में मदद करेगा।
कंपनी के नेताओं ने क्या कहा
- प्रशांत वारियर (Founder & CEO) ने इसे कंपनी के मिशन की बड़ी मान्यता बताया
- डॉ. शिबु विजयन (Chief Medical Officer) ने कहा कि यह पहल हेल्थकेयर की “अनदेखी जगहों” तक पहुंच बना सकती है
- डॉ. जस्टी एंटनी चिरामल (Project Lead) ने बच्चों में निमोनिया से होने वाली मौतों को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया
बड़ा संदर्भ: AI और ग्लोबल हेल्थ
यह पहल वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े बदलाव को दर्शाती है, जहां AI और ओपन-डेटा आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं।
Qure.ai का यह प्रोजेक्ट:
- उन्नत मेडिकल तकनीक और जमीनी स्तर की हेल्थकेयर के बीच की खाई को कम करेगा
- कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा
इस तरह के निवेश यह भी दिखाते हैं कि AI जैसी डिजिटल हेल्थ तकनीकें भविष्य में बीमारियों से लड़ने और वैश्विक स्वास्थ्य सुधारने में अहम भूमिका निभाएंगी।

