हिंदी

What's Hot

लिंक्डइन ने एआई टूल निर्माताओं के साथ साझेदारी कर पेश किए वेरिफाइड स्किल्स क्रेडेंशियल्स

Table of Content

LinkedIn, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म है, ने तेजी से बदलते जॉब मार्केट में पेशेवरों की क्षमताओं को साबित करने के तरीके को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा अपडेट लॉन्च किया है। जनवरी 2026 के अंत में, LinkedIn ने कई प्रमुख सॉफ्टवेयर और AI टूल निर्माताओं के साथ मिलकर एक AI-आधारित स्किल्स वेरिफिकेशन पहल शुरू की है। अब यूज़र्स अपने प्रोफाइल पर वेरिफाइड प्रोफिशिएंसी बैज दिखा सकते हैं, जो वास्तविक उपयोग डेटा पर आधारित होते हैं, न कि केवल स्वयं द्वारा बताई गई जानकारी या सामान्य टेस्ट पर।

यह बदलाव पारंपरिक रिज़्यूमे और डिग्री मॉडल से हटकर एक स्किल-फर्स्ट हायरिंग सिस्टम की ओर संकेत करता है, जहां असली क्षमता सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण बनती है।


क्यों यह बदलाव महत्वपूर्ण है

बदलते जॉब मार्केट की जरूरत

हाल के वर्षों में नियोक्ता अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि वास्तविक स्किल्स पर ध्यान दे रहे हैं, खासकर:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • ऑटोमेशन
  • कोडिंग
  • डेटा लिटरेसी

LinkedIn के अनुसार, AI स्किल्स आज सबसे अधिक मांग वाली क्षमताओं में से एक हैं।

पारंपरिक सिस्टम की समस्या

पुराने CV और प्रोफाइल:

  • वास्तविक क्षमता स्पष्ट नहीं करते
  • अनुमान पर आधारित होते हैं
  • अक्सर भ्रामक या अधूरे होते हैं

नई प्रणाली इन समस्याओं को हल करने का प्रयास करती है।


वेरिफाइड स्किल्स सिस्टम कैसे काम करता है

1. टूल निर्माताओं के साथ साझेदारी

LinkedIn ने कई प्रमुख कंपनियों के साथ साझेदारी की है:

शुरुआती पार्टनर्स:

  • Descript
  • Lovable
  • Relay.app
  • Replit

आने वाले पार्टनर्स:

  • Gamma
  • GitHub
  • Zapier

ये कंपनियां रोज़मर्रा के उपयोग के आधार पर स्किल्स को सत्यापित करती हैं।


2. AI आधारित मूल्यांकन

यह सिस्टम पारंपरिक टेस्ट से अलग है:

  • AI यूज़र के वास्तविक उपयोग डेटा का विश्लेषण करता है
  • प्रोजेक्ट्स, इंटरैक्शन और प्रदर्शन को ट्रैक करता है
  • उसी आधार पर स्किल्स प्रमाणित होती हैं

परिणाम:

  • अधिक विश्वसनीय
  • डेटा-आधारित प्रमाण
  • नकली स्किल्स की संभावना कम

3. प्रोफाइल पर डिस्प्ले

वेरिफिकेशन के बाद:

  • बैज “Licenses & Certifications” सेक्शन में दिखते हैं
  • कुछ बैज समय के साथ अपडेट भी होते हैं

इससे प्रोफाइल अधिक विश्वसनीय और प्रोफेशनल बनती है।


किन स्किल्स को वेरिफाई किया जा सकता है

वर्तमान में फोकस:

  • AI टूल्स
  • कोडिंग प्लेटफॉर्म
  • ऑटोमेशन सिस्टम

उदाहरण:

  • Descript → मीडिया एडिटिंग और AI
  • Lovable → नो-कोड ऐप डेवलपमेंट
  • Replit → कोडिंग और AI डेवलपमेंट
  • Relay.app → AI वर्कफ्लो ऑटोमेशन

पुराने सिस्टम की कमियां

पारंपरिक स्किल्स सिस्टम:

  • सीमित टेस्ट
  • अपडेट नहीं होते
  • आसानी से गेम किए जा सकते हैं

नया सिस्टम:

  • रियल-टाइम उपयोग पर आधारित
  • अधिक सटीक
  • भरोसेमंद

नौकरी चाहने वालों और कंपनियों पर प्रभाव

1. जॉब सीकर्स के लिए फायदे

  • वास्तविक स्किल्स दिखाने का मौका
  • प्रोफाइल अधिक विश्वसनीय
  • प्रतियोगिता में बढ़त

खासकर उपयोगी:

  • सेल्फ-टॉट प्रोफेशनल्स
  • करियर बदलने वाले लोग
  • फ्रीलांसर्स

2. रिक्रूटर्स के लिए फायदे

  • सही उम्मीदवार चुनना आसान
  • स्किल्स के आधार पर फ़िल्टरिंग
  • बेहतर टीम मैचिंग

यह स्किल-आधारित हायरिंग को मजबूत करता है।


इंडस्ट्री और एक्सपर्ट की राय

विशेषज्ञों का मानना है:

  • पारंपरिक डिग्री सिस्टम अब पर्याप्त नहीं है
  • AI स्किल्स का महत्व तेजी से बढ़ रहा है
  • वास्तविक प्रदर्शन ही असली पहचान है

चुनौतियां और सीमाएं

1. सीमित पार्टनर्स

अभी केवल कुछ टूल्स शामिल हैं
(भविष्य में विस्तार की योजना)


2. नियोक्ताओं की स्वीकृति

  • सभी कंपनियां तुरंत इस सिस्टम को स्वीकार नहीं करेंगी
  • धीरे-धीरे अपनाया जाएगा

3. डेटा प्राइवेसी

  • थर्ड-पार्टी डेटा शेयरिंग चिंता का विषय हो सकता है
  • स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता

बड़ा बदलाव: स्किल्स पहले, डिग्री बाद में

यह पहल एक बड़े ट्रेंड को दर्शाती है:

  • डिग्री से ज्यादा स्किल्स महत्वपूर्ण
  • खुद के दावों से ज्यादा वास्तविक डेटा महत्वपूर्ण
  • AI स्किल्स भविष्य का आधार

अब कंपनियां देखना चाहती हैं:

  • आपने क्या बनाया
  • क्या ऑटोमेट किया
  • क्या डेवलप किया

निष्कर्ष: काम का भविष्य अब वेरिफाइड है

LinkedIn का यह कदम प्रोफेशनल दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

यह मदद करता है:

  • जॉब सीकर्स को अलग दिखने में
  • रिक्रूटर्स को सही उम्मीदवार चुनने में
  • कंपनियों को बेहतर टैलेंट खोजने में

जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, यह हायरिंग प्रक्रिया को पूरी तरह बदल सकता है।

अंतिम संदेश:

👉 अब सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आपने क्या सीखा —
👉 बल्कि यह कि आप वास्तव में क्या कर सकते हैं

admin

gauravshukla165@gmail.com https://madgossip.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Qure.ai को AI डायग्नोस्टिक्स के लिए Gates Foundation का बड़ा अनुदान

वैश्विक डिजिटल हेल्थ कंपनी Qure.ai को Bill & Melinda Gates Foundation से मल्टीमिलियन डॉलर का अनुदान मिला है। इसका उद्देश्य टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) और निमोनिया की शुरुआती पहचान के लिए अत्याधुनिक AI डायग्नोस्टिक्स के विकास और तैनाती को तेज करना है—खासकर उन क्षेत्रों में जहां समय पर मेडिकल इमेजिंग और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। यह...

Apple का बड़ा Siri बदलाव: वॉइस असिस्टेंट से AI चैटबॉट की ओर

Apple अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri के इतिहास के सबसे बड़े बदलावों में से एक की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple Siri को एक साधारण टास्क-आधारित वॉइस असिस्टेंट से बदलकर एक बातचीत करने वाला AI चैटबॉट बनाने पर काम कर रहा है—जिसमें Google Gemini जैसे बड़े भाषा मॉडल (LLMs) की मदद ली जा...

वैज्ञानिकों ने खोजा अब तक का सबसे तेज़ घूमने वाला विशाल क्षुद्रग्रह

वैज्ञानिकों ने अब तक का सबसे तेज़ घूमने वाला बड़ा asteroid खोजा है, जो asteroid dynamics research के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Epic Games–Google समझौता: $800 मिलियन की पार्टनरशिप डील शामिल

टेक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित कानूनी मामलों में एक बड़े मोड़ के तहत, Epic Games और Google के बीच प्रस्तावित समझौते में $800 मिलियन की मल्टी-ईयर पार्टनरशिप सामने आई है। यह समझौता Google के Google Play Store से जुड़े एंटीट्रस्ट विवाद का हिस्सा है। यह जानकारी जनवरी 2026 में U.S. District Court for the Northern...
एक ऐसा स्थान जहाँ विचार विकसित होते हैं, कहानियाँ जुड़ती हैं, और ज्ञान साझा किया जाता है ताकि दुनिया भर के जिज्ञासु मनों को प्रेरित किया जा सके।

ज़रूर पढ़ें

©2024- All Right Reserved. Designed and Developed by  MadGossip

What's Hot